अमेरिका-ईरान टकराव हुआ खतरनाक, बहरीन में अमेरिकी बेस पर हमला, होर्मुज स्ट्रेट बना तनाव का केंद्र

लखनऊ: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान पर हवाई हमले किए हैं, जिनका कारण होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर के गिरने की घटना को बताया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि हेलिकॉप्टर को ईरान ने मार गिराया, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना ड्रोन से टकराने के कारण भी हो सकती है। इस घटना में दोनों पायलट सुरक्षित बचा लिए गए।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों को निशाना बनाया गया। इसके तुरंत बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय और अन्य अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन तथा मिसाइल हमले किए हैं।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि ईरान हर हमले का जवाब देगा और अमेरिका को क्षेत्र छोड़ने की चेतावनी दी है। वहीं इजराइल ने भी संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर वह ईरान के खिलाफ और बड़े सैन्य अभियान चला सकता है।

तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में करीब 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, क्योंकि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई का यह दौर जारी रहता है, तो पूरा पश्चिम एशिया एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की चपेट में आ सकता है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

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